Eating meat is not an order of God
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मांस खाना परमेश्वर का आदेश नहीं !
जो भी मांस खाते हैं उनसे रिक्वेस्ट है की मांस खाना बहुत ही बुरा है और परमात्मा के संविधान में भी नहीं लिखा है कि मांस खाओ।
मांस खाना, चोरी करना, रिश्वत लेना और भ्रूण हत्या तथा बलात्कार आदि बुराइयां समाज में फैल चुकी हैं इसीलिए आज पूरा विश्व अपने पाप कर्म का दंड भोग रहा है।
किसी भी सदग्रंथ के अंदर यह प्रमाण नहीं है कि मांस खाओ।
पवित्र बाईबल (उत्पत्ति ग्रन्थ 1:29)
प्रभु ने मनुष्यों के खाने के लिए जितने बीज वाले छोटे पेड़ तथा जितने पेड़ों में बीज वाले फल होते हैं वे भोजन के लिए प्रदान किए हैं, माँस खाना नहीं कहा है।
प्रमाण के लिए अवश्य देखें👇
https://youtu.be/r7-SBmwGsxQ
परमात्मा कबीर साहेब जी अपनी अमर वाणी में कहते हैं
मदिरा(शराब) पीवे कड़वा पानी,
सत्तर जन्म कुत्ते के जानी।।
शराब पीने से 70 जन्म तक कुत्ता बनने की सजा मिलेगी। ये खुद परमात्मा ने बताया है। आज ही त्यागें ऐसी बुरी वस्तु को।
संत गरीबदास जी अपनी वाणी में कहते है-
सुरापान मद्य मांसाहारी, गवन करे भोगे पर नारी।
सत्तर जन्म कटत हैं शीशम, साक्षी साहिब हैं जगदीशम।।
सुरापान व मांस आदि खाने का अंजाम जब इतना बुरा है तो इससे त्यागने में ही भलाई है।
अधिक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर क्लिक करें👇
www.jagatgururampalji.org
मांस खाना परमेश्वर का आदेश नहीं !
जो भी मांस खाते हैं उनसे रिक्वेस्ट है की मांस खाना बहुत ही बुरा है और परमात्मा के संविधान में भी नहीं लिखा है कि मांस खाओ।
मांस खाना, चोरी करना, रिश्वत लेना और भ्रूण हत्या तथा बलात्कार आदि बुराइयां समाज में फैल चुकी हैं इसीलिए आज पूरा विश्व अपने पाप कर्म का दंड भोग रहा है।
किसी भी सदग्रंथ के अंदर यह प्रमाण नहीं है कि मांस खाओ।
पवित्र बाईबल (उत्पत्ति ग्रन्थ 1:29)
प्रभु ने मनुष्यों के खाने के लिए जितने बीज वाले छोटे पेड़ तथा जितने पेड़ों में बीज वाले फल होते हैं वे भोजन के लिए प्रदान किए हैं, माँस खाना नहीं कहा है।
प्रमाण के लिए अवश्य देखें👇
https://youtu.be/r7-SBmwGsxQ
परमात्मा कबीर साहेब जी अपनी अमर वाणी में कहते हैं
मदिरा(शराब) पीवे कड़वा पानी,
सत्तर जन्म कुत्ते के जानी।।
शराब पीने से 70 जन्म तक कुत्ता बनने की सजा मिलेगी। ये खुद परमात्मा ने बताया है। आज ही त्यागें ऐसी बुरी वस्तु को।
संत गरीबदास जी अपनी वाणी में कहते है-
सुरापान मद्य मांसाहारी, गवन करे भोगे पर नारी।
सत्तर जन्म कटत हैं शीशम, साक्षी साहिब हैं जगदीशम।।
सुरापान व मांस आदि खाने का अंजाम जब इतना बुरा है तो इससे त्यागने में ही भलाई है।
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