प्रदूषण को खत्म करने की आवाज बनो और एक स्वच्छ समाज बनाओ

बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां क्या किसी नगर या किसी भी सिटी के पास में होना सही है ?
सरकार खुद कहती हैं की बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां किसी भी नगर या सिटी के पास में नहीं होनी चाहिए, तो फिर यह फैक्ट्रीया कैसे चालू है यह इसलिए चालू है की फैक्ट्री वाले बड़े आदमी हैं और सरकार को टैक्स भी ज्यादा देते हैं बिचारे गरीब आदमी चाहे मर जाए कोई चिंता नहीं है इन राजनेताओं को केवल डिबेट पर आएंगे और कहेंगे कि हम आपको मरने वालों को इतने रुपए देंगे और गरीब आदमी की बात को दबा दिया जाता है।
यह सरासर अन्याय हैं।
जो गुरुवार को हादसा हुआ मेरा दिल कांप गया बहुत ही दुख मय घटना घटी जिसे आज मैंने दैनिक भास्कर में सुबह पड़ी आप सब ने भी जरूर न्यूज़ देखी होगी।
अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की बात तो बड़े-बड़े नेता और हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी भी करते हैं।
लेकिन केवल बातें बातें करते हैं ,लेकिन लागू नहीं करते इसके पीछे एक कारण हैं की बड़ी कंपनी वाले टैक्स भी अच्छा देते हैं, टैक्स के पीछे चाहे गरीब की जान जाए।
इन नेता लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ता।
 केवल अपने को खुश करने के लिए भाषण देंगे और कहेंगे भाई और बहनों मरने वालों को इतने पैसे मिलेंगे और हम खुश हो जाते हैं।
अभी हम सब शिक्षित समाज हैं जागने का समय है।

हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी ने बहुत सही समय पर इस महामारी को देखते हुए लॉक डाउन लगाया हम इससे बहुत सहमत हैं और इनका पालन भी हर नागरिक को करना चाहिए।
अभी कुछ दिनों में जो शराब की दुकानें खुली हैं क्या यह सही है, हमारे प्रधानमंत्री जी अपने भाषण में इन चीजों का विरोध करते हैं ।
क्या पता इनको क्या हो गया कुछ समझ में भी नहीं आ रहा इन्होंने यह दुकाने क्यों चालू की।
 हम प्रधानमंत्री जी से रिक्वेस्ट करना चाहते हैं की इन शराब की दुकानों से यह महामारी और ज्यादा फैल जाएगी इसे जल्द बंद करें।
नशा करना महापाप है अपने किसी भी सद ग्रंथ मैं इसका प्रमाण नहीं है !
हमारा सरकार से अनुरोध है की नशा सत भक्ति से छुट जाता है।
कोई भी अगर नशे से परेशान हैं तो कृपया यह वीडियो जरूर देखें👇

1.क्या यह बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां गांव और पब्लिक एरिया में होनी चाहिए ?
2. क्या सरकार ने टेक्स के लालच में शराब की दुकानें चालू कर रखी है क्या यह सही है ?
आप हमें कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर बताएं

जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर क्लिक करें 👇


Comments

Popular posts from this blog

शिक्षा और अंधविश्वास

आज भाई को फुरसत है