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Showing posts from May, 2020

प्रदूषण को खत्म करने की आवाज बनो और एक स्वच्छ समाज बनाओ

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बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां क्या किसी नगर या किसी भी सिटी के पास में होना सही है ? सरकार खुद कहती हैं की बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां किसी भी नगर या सिटी के पास में नहीं होनी चाहिए, तो फिर यह फैक्ट्रीया कैसे चालू है यह इसलिए चालू है की फैक्ट्री वाले बड़े आदमी हैं और सरकार को टैक्स भी ज्यादा देते हैं बिचारे गरीब आदमी चाहे मर जाए कोई चिंता नहीं है इन राजनेताओं को केवल डिबेट पर आएंगे और कहेंगे कि हम आपको मरने वालों को इतने रुपए देंगे और गरीब आदमी की बात को दबा दिया जाता है। यह सरासर अन्याय हैं। जो गुरुवार को हादसा हुआ मेरा दिल कांप गया बहुत ही दुख मय घटना घटी जिसे आज मैंने दैनिक भास्कर में सुबह पड़ी आप सब ने भी जरूर न्यूज़ देखी होगी। अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की बात तो बड़े-बड़े नेता और हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी भी करते हैं। लेकिन केवल बातें बातें करते हैं ,लेकिन लागू नहीं करते इसके पीछे एक कारण हैं की बड़ी कंपनी वाले टैक्स भी अच्छा देते हैं, टैक्स के पीछे चाहे गरीब की जान जाए। इन नेता लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ता।  केवल अपने को खुश करने के लिए भाषण देंगे और कहेंगे भ...

Eating meat is not an order of God

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Our struggle is to create a clean society. Please you also join us. मांस खाना परमेश्वर का आदेश नहीं ! जो भी मांस खाते हैं उनसे रिक्वेस्ट है की मांस खाना बहुत ही बुरा है और परमात्मा के संविधान में भी नहीं लिखा है कि मांस खाओ। मांस खाना, चोरी करना, रिश्वत लेना और भ्रूण हत्या तथा बलात्कार आदि बुराइयां समाज में फैल चुकी हैं इसीलिए आज पूरा विश्व अपने पाप कर्म का दंड भोग रहा है। किसी भी सदग्रंथ के अंदर यह प्रमाण नहीं है कि मांस खाओ। पवित्र बाईबल (उत्पत्ति ग्रन्थ 1:29) प्रभु ने मनुष्यों के खाने के लिए जितने बीज वाले छोटे पेड़ तथा जितने पेड़ों में बीज वाले फल होते हैं वे भोजन के लिए प्रदान किए हैं, माँस खाना नहीं कहा है। प्रमाण के लिए अवश्य देखें👇 https://youtu.be/r7-SBmwGsxQ परमात्मा कबीर साहेब जी अपनी अमर वाणी में कहते हैं मदिरा(शराब) पीवे कड़वा पानी, सत्तर जन्म कुत्ते के जानी।। शराब पीने से 70 जन्म तक कुत्ता बनने की सजा मिलेगी। ये खुद परमात्मा ने बताया है। आज ही त्यागें ऐसी बुरी वस्तु को। संत गरीबदास जी अपनी वाणी में कहते है- सुरापान मद्य मांसाहारी, गवन करे भोगे पर नारी। ...